Phir Milogi (फिर मिलोगी)Author/s: Madhu Chaturvedi
‘फिर मिलोगी’ सिर्फ़ एक प्रेम कहानी नहीं है, यह उस अनकहे मोह का आख्यान है जो जीवन की भीड़ में खोकर भी स्मृतियों में जीवित रहता है। वसुधा की शादीशुदा ज़िंदगी में सूनापन है, लेकिन उसका दिल एक ऐसे एहसास में उलझा है जो बरसों पहले किसी ट्रेन यात्रा में मिला था—एक ऐसा संयोग जो कल्पना-सी प्रतीत होता है, लेकिन दिल से मिटता नहीं।
मधु चतुर्वेदी की लेखनी संवेदना, सौंदर्य और स्त्री-मन की महीन परतों को गहराई से उकेरती है। उपन्यास भाषा में बहता है, दृश्य रचता है और पाठक के भीतर एक हूक छोड़ जाता है। यह किताब उन सबके लिए है जिन्होंने कभी किसी को खोया है, लेकिन भुला नहीं पाए।
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256 pages
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Category: Fiction
Tag: Madhu Chaturvedi
