Kafan (Hindi)Author/s:

कफ़न मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध और मार्मिक कहानी है, जो गरीबी, भूख, सामाजिक असमानता और मानवीय संवेदनहीनता की भयावह तस्वीर प्रस्तुत करती है।

कहानी के मुख्य पात्र घीसू और उसका बेटा माधव बेहद गरीब और कामचोर हैं। माधव की पत्नी बुधिया प्रसव पीड़ा से झोपड़ी के भीतर तड़प रही है, जबकि घीसू और माधव बाहर आग के पास बैठे आलू सेंककर खा रहे हैं। वे उसकी मदद करने के बजाय उसके मरने का इंतज़ार करते रहते हैं। अंततः बुधिया की मृत्यु हो जाती है।

बुधिया के अंतिम संस्कार के लिए कफ़न खरीदने हेतु घीसू और माधव गाँव के लोगों से पैसे इकट्ठा करते हैं। लेकिन कफ़न खरीदने के बजाय वे उन पैसों से शराब और खाना खा लेते हैं। उनके लिए यह व्यवहार भले ही अमानवीय लगे, लेकिन प्रेमचंद इसके माध्यम से उस व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं जिसने गरीबी और अभाव के बीच उनकी संवेदनाओं को भी कुंद कर दिया है।

कफ़न केवल दो निकम्मे व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि भूख, गरीबी, शोषण और सामाजिक व्यवस्था के कारण पैदा हुई मानवीय संवेदनहीनता का कड़वा और गहरा चित्रण है।

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144 pages

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